3 साल बाद मिलेगा वेतन: उत्तराखंड परिवहन निगम की गजब लापरवाही,3 महीने से परेशान कर्मचारियों को मिला 2029 की तारीख का चेक

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तीन महीने से वेतन की आस में आर्थिक तंगी झेल रहे उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) के कर्मचारियों के साथ सिस्टम ने एक ऐसा कड़वा मज़ाक किया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। महीनों के लंबे इंतजार के बाद जब कर्मचारियों के हाथ में वेतन का चेक आया, तो उनकी खुशियाँ चंद सेकेंड में गायब हो गईं। चेक पर वर्तमान वर्ष '2026' की जगह '2029' अंकित था। यानी कर्मचारियों को अपना ही हक पाने के लिए अब तीन साल और इंतजार करना पड़ेगा! विभागीय लापरवाही की यह अजीबोगरीब तस्वीर काशीपुर डिपो से सामने आई है।

मामला काशीपुर डिपो का है। यहां लिपिक के पद पर कार्यरत पंकज भटनागर और दीपक जोशी को लंबे समय से लंबित जून माह का वेतन चेक के माध्यम से दिया गया। तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारी पहले ही आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे। ऐसे में जब वेतन मिलने की उम्मीद जगी तो चेक की तारीख ने पूरी स्थिति को ही उलझा दिया। कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि 2029 की तारीख वाले चेक का भुगतान 2026 में कैसे हासिल होगा? बैंक में भविष्य की तारीख वाले चेक का भुगतान तत्काल संभव नहीं होने के कारण कर्मचारियों को एक बार फिर विभागीय प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। वेतन जैसी जरूरी और नियमित प्रक्रिया में हुई इस गलती ने परिवहन निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के मंत्री पंकज भटनागर ने कहा कि वेतन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में इस तरह की लापरवाही समझ से परे है। चेक कर्मचारियों को सौंपने से पहले उसकी तारीख और अन्य विवरणों की जांच की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी लापरवाही के कारण कर्मचारी, जो पहले ही तीन महीने से वेतन का इंतजार कर रहे हैं, अब दोबारा कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हो गए हैं। कर्मचारियों की मांग है कि गलत तारीख वाले चेक को तत्काल निरस्त कर सही तारीख का नया चेक जारी किया जाए, ताकि उन्हें लंबित वेतन का भुगतान जल्द मिल सके। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन में पहले ही देरी हो चुकी है और अब चेक की गलती के कारण भुगतान और आगे नहीं टलना चाहिए। इस मामले में काठगोदाम के सहायक महाप्रबंधक वित्त मनोज कुमार दुर्गापाल ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। उन्होंने कहा कि चेक जारी करने के दौरान तारीख में गड़बड़ी हुई है। इसे जल्द दुरुस्त कर कर्मचारियों को नया चेक जारी किया जाएगा और उनका वेतन उपलब्ध कराया जाएगा। तीन महीने के वेतन संकट के बीच 2029 की तारीख वाला चेक सामने आने से यह मामला अब महज एक तकनीकी गलती नहीं, बल्कि परिवहन निगम की वित्तीय व्यवस्था और कर्मचारियों को समय पर वेतन देने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।