हल्द्वानी। उत्तराखंड हाईकोर्ट सहित जनपद के जिला एवं सत्र न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने का मामला अभी भी शांत नहीं हुआ है। इसी बीच अब कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सुशीला तिवारी अस्पताल को भी बम से उड़ाने की धमकी दे दी गई है। इस बार धमकी भरा ई-मेल अस्पताल के प्राचार्य की आधिकारिक मेल आईडी पर भेजा गया है। बम की धमकी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। जनपद पुलिस सहित स्वास्थ्य विभाग के उस वक्त हाथपांव फूल गये जब कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल सुशीला तिवारी को बम से उड़ाने का मेल प्राचार्य को मिला ई-मेल में अस्पताल परिसर में विस्फोटक होने का दावा किया गया है। मेल सामने आते ही अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही हल्द्वानी पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई है। पूरे अस्पताल परिसर की सघन तलाशी ली जा रही है।
सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सामान्य स्थिति तक ऐतिहातन के रूप में कक्षाएं संचालन को रोक दिया है। साथ ही विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से परिसर में न आने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी उत्तराखंड हाईकोर्ट समेत कई जिला सत्र न्यायालयों को धमकी भरे ई-मेल मिले थे। उन मामलों में पुलिस साइबर टीम अज्ञात आरोपी की पहचान करने में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक आरोपी तक पहुंच नहीं बन पाई है। ऐसे में लगातार आ रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सीओ अमित कुमार सैनी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के ईमेल आईडी में बॉम थ्रेड का मेल प्राप्त होने की सूचना मिली है। मौके पर कोतवाली पुलिस, बीडीएस और डॉग स्क्वायड की टीम द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया है। अब तक परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु प्राप्त नहीं हुई है।